आपका स्वागत है June 26, 2007
Posted by janta in Uncategorized.trackback
यहां पर क्या लिखा जाएगा नहीं मालूम. हां, जो भी लिखा जाएगा वह जनता के लिए होगा. कोई अपने निहित स्वार्थ के दायरे में रहकर सोचेगा तो उसे तकलीफ हो सकती है. ऐसे निहित स्वार्थियों को होनेवाली संभावित तकलीफ के लिए हम पहले से क्षमा मांगकर चलते हैं.
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